वदनी कवळ घेता.. (जेवणापूर्वीची प्रार्थना)
वदनी कवळ घेता नाम घ्या श्रीहरीचे | सहज हवन होते नाम घेता फुकाचे ||
जीवन करि जीवित्व अन्न हे पूर्ण ब्रम्ह | उदरभरण नोहे जाणिजे यज्ञ कर्म|| १ ||
जनी भोजनी नाम वाचे वदावे | आतु आदरे गद्य घोषे म्हणावे ||
हरी चिंतने अन्न सेवीत जावे | तरी श्रीहरी पाविजे तो स्वभावे || २ ||
उपासनेला दृढ चालवावे | भूदेव संतासी सदा नमावे |
सत्कर्मयोगे वय घालवावे | सर्वामुखी मंगल बोलवावे || ३ ||
ॐ सह नाववतु | सह नौ भुनक्तु | सहवीर्य करवावहै | तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ||
|| ॐ शांति: शांति: शांति: ||
वदनी कवळ घेता नाम घ्या श्रीहरीचे | सहज हवन होते नाम घेता फुकाचे ||
जीवन करि जीवित्व अन्न हे पूर्ण ब्रम्ह | उदरभरण नोहे जाणिजे यज्ञ कर्म|| १ ||
जनी भोजनी नाम वाचे वदावे | आतु आदरे गद्य घोषे म्हणावे ||
हरी चिंतने अन्न सेवीत जावे | तरी श्रीहरी पाविजे तो स्वभावे || २ ||
उपासनेला दृढ चालवावे | भूदेव संतासी सदा नमावे |
सत्कर्मयोगे वय घालवावे | सर्वामुखी मंगल बोलवावे || ३ ||
ॐ सह नाववतु | सह नौ भुनक्तु | सहवीर्य करवावहै | तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ||
|| ॐ शांति: शांति: शांति: ||
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